UPI चार्ज (MDR) की ताज़ा खबर

UPI चार्ज की घोषणा से अब तक क्या-क्या हुआ और आगे कौन-सी तारीखें इसे बदल सकती हैं, सब एक जगह। कोई नई आधिकारिक या पुष्ट खबर आने पर यह पेज अपडेट होता है।

तय समय पर लागू आज की स्थिति

UPI MDR तय समय पर 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। कोई रोक नहीं लगी है। सुप्रीम कोर्ट 28 सितंबर को इसके खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा।

आखिरी बार जांचा: 27 सितंबर 2026। बड़ी खबर आने पर यह पेज उसी दिन अपडेट होता है।

आगे की अहम तारीखें

  1. सुप्रीम कोर्ट MDR के खिलाफ जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा (CJI सूर्यकांत की बेंच)। याचिका में नियम रद्द करने या रोकने की मांग है।
  2. कुछ व्यापारी संगठनों (MACCIA, AIMRA आदि) ने “नो UPI डे” का आह्वान किया है। CAIT ने कहा है कि यह उसका आह्वान नहीं है।
  3. GST काउंसिल की बैठक में MDR फीस पर लगने वाले 18% GST में राहत पर विचार हो सकता है। तारीख आधिकारिक रूप से घोषित नहीं।
  4. MDR लागू: ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4%, अधिकतम ₹300।
  5. छोटे मर्चेंट्स के लिए डिजिटल पेमेंट फंड का ढांचा, 15 सितंबर की घोषणा के तीन महीने के भीतर आना है।

आप पर क्या असर होगा

ग्राहक

कोई चार्ज नहीं। दुकान पर UPI पेमेंट, किसी को पैसे भेजना (P2P) और ऑटोपे पहले की तरह मुफ्त रहेंगे। दुकानदार MDR आपसे नहीं वसूल सकता।

छोटे दुकानदार

अगर UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक आता है, तो ₹2,000 से बड़े पेमेंट पर भी कोई MDR नहीं। लगातार 3 महीने ₹1 लाख से ऊपर जाने पर ही चार्ज शुरू होगा।

बड़े मर्चेंट

15 अक्टूबर से ₹2,000 से ऊपर के हर पेमेंट पर पूरी राशि का 0.4% (अधिकतम ₹300) + फीस पर 18% GST। ₹5,000 पर कुल ₹23.60 कटेंगे।

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नियम एक नज़र में

₹2,000 तक का पेमेंटमुफ्त
₹2,000 से ऊपर0.4%, अधिकतम ₹300
छोटे मर्चेंट (₹1 लाख/माह तक)मुफ्त
रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन, बिजली-पानी-गैस बिलफ्लैट ₹5
शिक्षाफ्लैट फीस या कैप्ड दर (राशि घोषित नहीं)
म्यूचुअल फंड, ब्रोकर0.02%, अधिकतम ₹300
P2P ट्रांसफर, ऑटोपेमुफ्त

स्रोत: वित्तीय सेवा विभाग का आधिकारिक FAQ (15 सितंबर 2026).

पूरी टाइमलाइन

  1. कोर्ट

    याचिका 28 सितंबर (सोमवार) को CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच के सामने सुनवाई के लिए लिस्ट हुई। मोबाइल रिटेलर्स (AIMRA) ने 2 अक्टूबर के विरोध में शामिल होने की पुष्टि की।

    स्रोत: Business Standard

  2. विरोध

    सबसे बड़े व्यापारी संगठन CAIT ने देशव्यापी “नो UPI डे” के आह्वान से इनकार किया और ऐसी खबरों को भ्रामक बताया।

    स्रोत: Business Today

  3. बयान

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: MDR “न टैक्स है, न सेस, न सरचार्ज”। इसे मर्चेंट देगा और ग्राहक से नहीं वसूला जा सकता। फीस का बंटवारा: 40% ग्राहक का बैंक, 30% एक्वायरर, 20% UPI ऐप, 10% PSP।

    स्रोत: Business Today

  4. GST

    NPCI प्रमुख दिलीप अस्बे: 75% मर्चेंट्स को कभी ₹2,000 से बड़ा UPI पेमेंट नहीं मिला। सरकारी सूत्रों के अनुसार GST काउंसिल MDR पर 18% GST पर विचार कर सकती है।

    स्रोत: Business Standard · ThePrint (PTI)

  5. विरोध

    कई व्यापारी संगठनों ने 2 अक्टूबर को “नो UPI डे” की घोषणा की, दुकानों से QR कोड और साउंडबॉक्स ढकने को कहा।

    स्रोत: Business Standard

  6. बयान

    NPCI: ₹2,000 तक के पेमेंट (मर्चेंट UPI का 96% से ज़्यादा) पर न MDR है, न GST। GST सिर्फ फीस पर लगता है और रजिस्टर्ड मर्चेंट इनपुट टैक्स क्रेडिट ले सकते हैं।

    स्रोत: Business Today

  7. कोर्ट

    एडवोकेट अंजन दत्ता ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। अधिसूचना और संशोधित धारा 10A को चुनौती, आधार: कोई सार्वजनिक परामर्श नहीं और कम मार्जिन वाले मर्चेंट्स को नुकसान।

    स्रोत: LiveLaw

  8. सरकारी

    वित्त मंत्रालय और NPCI ने ढांचा घोषित किया: ₹2,000 से ऊपर 0.4%, अधिकतम ₹300; रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और बिजली-पानी-गैस बिल पर फ्लैट ₹5; कैपिटल मार्केट पर 0.02%; छोटे मर्चेंट छूट में। 42 सवालों वाला आधिकारिक FAQ जारी। RBI ने स्वागत किया।

    स्रोत: Official FAQ (DFS)

  9. सरकारी

    पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट की संशोधित धारा 10A के तहत गजट अधिसूचना: ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट UPI पेमेंट से शून्य-शुल्क सुरक्षा हटी। ₹2,000 तक के पेमेंट और RuPay डेबिट कार्ड मुफ्त रहेंगे।

    स्रोत: Business Today

  10. सरकारी

    PIB: “UPI यूज़र्स पर कोई शुल्क नहीं।” MDR आया तो सिर्फ एक सीमा से ऊपर के कुछ मर्चेंट पेमेंट पर मामूली दर से लगेगा।

    स्रोत: PIB

अभी क्या बदल सकता है

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सुप्रीम कोर्ट ने UPI MDR पर रोक लगा दी है?

नहीं। 27 सितंबर 2026 तक कोई रोक नहीं है। MDR के खिलाफ जनहित याचिका पर 28 सितंबर 2026 (सोमवार) को सुनवाई होनी है। जब तक कोर्ट कोई आदेश नहीं देता, MDR 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।

UPI पर MDR चार्ज कब से लगेगा?

15 अक्टूबर 2026 से। उस दिन से ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4% चार्ज लगेगा, एक पेमेंट पर अधिकतम ₹300। ₹2,000 तक के पेमेंट मुफ्त रहेंगे।

क्या ₹2,000 से ज़्यादा के UPI पेमेंट पर ग्राहक को चार्ज देना होगा?

नहीं। MDR दुकानदार देता है और सरकारी FAQ के अनुसार वह इसे ग्राहक से नहीं वसूल सकता। ग्राहक के लिए UPI हर राशि पर मुफ्त है।

क्या UPI MDR पर 18% GST हटेगा?

अभी नहीं। सरकारी सूत्रों के अनुसार GST काउंसिल MDR फीस पर 18% GST पर विचार कर सकती है, खबरों के मुताबिक 7 अक्टूबर के आसपास की बैठक में। अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

क्या 2 अक्टूबर को नो UPI डे है?

MACCIA और ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन जैसे कुछ संगठनों ने 2 अक्टूबर को “नो UPI डे” का आह्वान किया है। सबसे बड़े व्यापारी संगठन CAIT ने कहा है कि उसने ऐसा कोई आह्वान नहीं किया। उस दिन कुछ दुकानें UPI न लें, ऐसा हो सकता है।

क्या UPI MDR कोई टैक्स है?

नहीं। वित्त मंत्री ने 25 सितंबर को कहा कि यह टैक्स, सेस या सरचार्ज नहीं है। यह फीस बैंकों, पेमेंट कंपनियों और UPI ऐप में बंटती है, सरकार को नहीं जाती।

क्या छोटे दुकानदारों को UPI MDR देना होगा?

नहीं, अगर UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक आता है। तब ₹2,000 से बड़े पेमेंट पर भी MDR शून्य रहेगा, और इस छूट के लिए GST रजिस्ट्रेशन ज़रूरी नहीं है।

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